मोहब्बत अपनेपन के सिवाय कुछ नहीं देती है

दोस्तों यदि हमारे मध्य विचारों का तालमेल हो तो हम समाज में तालमेल सामंजस्य स्नेह बना सकते हैं। हर व्यक्ति सम्मान व यश की कामना करता है पर वैसे कर्म नहीं करता जिसके द्वारा स्वतः ही यश व सम्मान की प्राप्ति हो सकें।
दोस्तों कहीं पर भी कोई आग लगे हमारा चर्चा हमेशा आग बुझाने के प्रयास करने वाले व्यक्तियों में होना चाहिए हमारी चर्चा तमाशबीन में नहीं होना चाहिए हो सकता हो हमारे प्रयास कम हो पर हमें कोशिश जरुर करना चाहिए। हमें शिक्षा उन व्यक्तियों से धारण करना चाहिए जो ज्ञानी हो जो अच्छे कर्म करते हो हमें उन व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए जो अज्ञानी व स्वार्थीपन से ग्रसित हो।
दोस्तों जो व्यक्ति समस्याओं से ग्रसित होते हैं वह यह नहीं जान पाते वह किस राह में जा रहे हैं उनके लिए कौनसी राह सही है। यदि हम एक समय पर एक से अधिक कार्य करने का प्रयास करते हैं तो हमें किसी भी कार्य में सफलता अर्जित नहीं होती है हमें एक समय पर एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए तभी हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं।


दोस्तों मोहब्बत अपनेपन के सिवाय कुछ नहीं देती है न ही वह किसी को अपने आपके सिवाय कुछ देता है। हमारी उम्र हर दिन के साथ बढ़ती जाती है पर हम बढ़ना कई रोक जाता है हम न तो कोई नई चीज़ सीख पाते हैं न ही हम खुशी के साथ जिंदगी जी पाते हैं।
दोस्तों जब हम बच्चे होते हैं तो हम में कुछ बहुत अच्छी आदतें होती है हम बिना कारण मुस्कराते रहते हैं हम कुछ न कुछ करते रहते हैं साथ ही हम उस चीज़ की जिद करते हैं जो हमें चाहिए अगर हम जिंदगी भर इन आदतों का सही रुप में अनुसरण करें तो हम कभी भी अपनी मंजिल से दूर नहीं रह सकते हैं।
यह सत्य है पहला प्रभाव बहुत महत्वपूर्ण होता है पर यह सत्य नहीं है एक दो बातों से हम किसी की पूरी शख्सियत को जान सकते हैं। कई बार हमारी जिंदगी में ऐसा होता है हम पहली मुलाकात में किसी के लिए जो सोच बनाते हैं वह दूसरी मुलाकात में वैसा प्रतीत नहीं होता है इसलिए हमें किसी के लिए कोई भी सोच बनाने के लिए जल्दबाजी नहीं करना चाहिए वरना हमारे सोच गलत हो सकती है और हमें इसका नुकसान हो सकता है।
दोस्तों हर व्यक्ति पहली मुलाकात में प्रभावित करने का प्रयास करता है पर हकीकत धीरे धीरे उसके चेहरे पर समय ले आता है इसलिए हमें किसी के लिए कोई भी नजरिया बनाने के लिए जल्दबाजी में निर्णय नहीं करना चाहिए।
दोस्तों जब हम अकेले में रहते हैं तो हम अपने आप से बहुत बातें करते हैं कुछ अपने बारें में कुछ अन्य व्यक्तियों के बारें में धीरे धीरे जो बात हम ज्यादा सोचते है या करते हैं उसे हम सत्य मानने लग जाते हैं हम बस इसी सच के साथ जीते रहते हैं।
दोस्तों यह सत्य नहीं है हम जो राय अपने या अन्य व्यक्तियों के बारें में रखते हैं वहीं सत्य है वह हमारे मन का वहम भी हो सकता है इसलिए हमें हमेशा हर राय को कसौटी पर उतरना चाहिए फिर अपना नजरिया बनाना चाहिए।
दोस्तों हमारी जिंदगी में कुछ अच्छा होता है तो उसका कुछ मतलब होता है साथ ही कुछ बुरा होता है तो उसका भी कोई महत्व होता है इसलिए हमें हर परिस्थिति के कारण को जानकर उसे स्वीकार करना चाहिए तभी हम अपने जीवन को आनंदमय बना सकते हैं।
दोस्तों हम हमेशा अच्छे बुरे के भ्रमजाल में फसे रहते हैं जबकि सत्य यह है इसके पार भी बहुत कुछ है जिसे हम न जानने का प्रयास करते हैं न हो कभी समझ पाते हैं थोड़ा सोचिए बहुत कुछ है।
दोस्तों हमारा सबसे बड़ा अज्ञान यह हैं हम दूसरों की बुराइयों अगुणों व दोषों को देखते हैं पर स्वयं के अगुणों दोषों व बुराइयों से मुंह फेर लेते हैं इस से हम सत्य से बहुत दूर चले जाते हैं।
दोस्तों यदि हम सुख शांति पर आत्मविकास पर अग्रसर होना चाहते हैं तो हमें अपने परमात्मा के मार्ग पर चलना चाहिए हमें अपने दोष देखकर उन्हें समाप्त करना चाहिये दूसरों के दोषों को देखने में अपना बेशकीमती समय बरबाद नहीं करना चाहिए तभी हम अपने परमात्मा के मार्ग पर परिचलन कर सकते हैं।
दोस्तों यह हमारी प्रवृत्ति है जब हम दूसरों के दोषों को देखना चाहते हैं तो हमारे नैत्र बहुत बड़े हो जाते हैं जब स्वयं का नंबर आता है तो हमें कोई दोष ही नहीं दिखाई देता है।
दोस्तों जिस गति से मानव विकास कर रहा है उसी गति से उसकी सुविधाएं बढ़ रही है पर न जाने क्यों सुविधाओं के साथ दुविधाओं में भी भारी वृद्धि हो रही है।



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