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ये प्यार तुने क्या किया Best Romantic Story in Hindi- Part 2
हाँ सुना था कि वो इस शहर के सबसे बड़े बिजनेस मेन संजय पटेल जी का घर है..
संजय पटेल मेरे पापा हैं!

क्या बोल रही हैं ब्यूटी? –मैंने उनसे दूर हटते हुए अचम्भा से कहा..
मुझे माफ कीजियेगा, मैं आपको खोना नही चाहती थी, इसलिए आपको धोखे में रखा कि मैं एक रिक्शेवाले की बेटी हूँ. यहाँ किसी को नही पता... पापा और माँ दोनों हमेशा घर से बाहर रहते हैं मुझे कभी टाइम नही देते.. आपसे मिलने के बाद मैं पूरा बदल गई.. आप प्लीज गलत मत समझो..

पर क्यों आपने इतनी बड़ी बात मुझसे छिपाई? मैं बहुत मिडिल क्लास फैमिली से हूँ ब्यूटी ..आपको पता ही है हमारे घर के बारे में.. क्यों ऐसा किया आपने? – मैंने कहा.
मुझे माफ कर दीजिए, मैं डर गई थी.. और यदि आपने मुझसे शादी नही की, इन पाँच साल के हसबैंड वाइफ के रिश्ते को सच नही किया तो आपको मेरी लाश अपने ही घर के सामने मिलेगी.. देख लेना.. जानते तो हैं आप मुझे जब मैं जिद में आ जाती हूँ तो क्या होता है... –वो गले लगकर रोने लगी..
हाँ-हाँ नौटंकी, किसने कहा शादी नही करूँगा.. अब चलो ये नाटक बंद करो.. आज हम दोनों टॉप किये हैं आज पापा भी छोड़ने नही आये अब मीठा खाना है... चलो खिलाओ...@


हम दोनों ने एक दुसरे के गालों को बहुत किश किया... मीठा अच्छा लगा... होप पापा से अच्छा ही होगा... –उसने हंसते हुए पुछा..
हाँ.. नही.... क्या हाँ या नही..
हाँ उनसे बहुत अच्छा था.. क्या ये शादी के बाद रोज मिलेगा..
ऑफ कोर्स... लव यू मेरे हसबैंड जी...
ये लीजिए आपके लिए एक खास तौफा.... – उन्होंने बैग से एक मोटी-सी डायरी निकालते हुए कहा..
क्या है ये ब्यूटी?
आज से हम नही मिलेंगे?
क्या बोल रही हैं!
नही-नही, अब हम शादी के बाद ही अच्छे से मिलेंगे न तब तक रोज आप इस डायरी में अपने हर दिन की बात शेयर करना, जब शादी के बाद मिलेंगे तो मैं देखूंगी और आपको सिर्फ आधा डायरी लिखना है, आधा शादी के बाद मैं लिखूंगी..ओके..
ओके ब्यूटी..
चलो इसकी शुरूआत मैं करती हूँ, “आजकल सब प्यार को टाइम पास कि नजर से देख रहे हैं, हमारे कई दोस्तों ने ऐसा किया.. बोलते थे कि एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे लेकिन ये बातें सिर्फ सेक्स तक सिमट कर रही गई और सबने एक-दूसरे से किनारा कर लिया.. पर हम ऐसा नही करेंगे, हम हमेशा ऐसे ही साथ रहेंगे, शादी करेंगे और हमारे बच्चों का नाम करन और निकी होगा.. क्योंकि पहला लड़का फिर लड़की होगी..मेरे हसबेंड का प्यार कभी कम नही होगा न ही मेरा कभी..हम दोनों शादी करेंगे और जो सपने देखें हैं उन्हें मिलकर पूरा करेंगे. आय लव यू..”
चलो जी हसबेंड अब यहाँ नीचे साइन करो..@ I Agree terms & conditions..
ओके ब्यूटी...लव यू सो मच.. साइन करते हुए उन्होंने गालों पर मीठी सी पप्पी दी...


                     Part -3 Coming Soon

दृढ़ इच्छाशक्ति से हर पथ पर कामयाबी प्राप्त कर सकते हैं
दोस्तों हम स्वयं जिम्मेदार होते हैं अपने उत्थान व पतन के लिए इसके लिए अन्य व्यक्तियों पर आरोप लगाना हमारी मूर्खता का प्रदर्शन है।
दोस्तों हमें स्वयं को हीन कदापि नहीं समझना चाहिए हम दृढ़ इच्छाशक्ति से हर पथ पर कामयाबी प्राप्त कर सकते हैं।
दोस्तों यदि हम एक बार संकल्प के साथ कदम उठाते हैं तो आगे की राह अपने आप आसान हो जाती है।

दोस्तों अच्छे शब्दों की शक्ति से हम किसी के जीवन में भी सही राह देखा सकते हैं इसलिए हमें सोच समझकर शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए हम शब्दों से किसी का जीवन संवार सकते हैं शब्दों से ही हम किसी को गलत राह पर चलने के लिए प्रेरित कर सकते हैं हमें शब्दों की शक्ति को समझकर इसका हमेशा सही इस्तेमाल करना चाहिए।
दोस्तों किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए कसमों व वायदों की जरूरत नहीं होती बस दो खूबसूरत व्यक्तियों की जरूरत होती है एक भरोसा कर सकें दूसरा उस भरोसे पर खरा उतर सकें।
दोस्तों यदि हम नकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्तियों व पराजित होने वाले व्यक्तियों का साथ छोड़ दें तो हम सदैव शिखर पर रह सकते हैं।

दोस्तों ऐसी चीजें संग्रहित करने का कोई महत्व नहीं है जिसे हम संभाल नहीं सकते हैं  जो हमारे लिए कोई उपयोग की नहीं है ऐसी चीजें संग्रहित कर हम अपना बेशकीमती समय बरबाद करते हैं।
दोस्तों यदि आप चाहते हैं आप हमेशा शिखर पर रहें साथ ही प्रसन्नचित्त रहें इसका सिर्फ एक तरीका है आप दूसरों को हमेशा प्रसन्न रखने का प्रयास करें।
दोस्तों दूसरों की सहायता करना बहुत अच्छा है पर सहायता करते समय अपना हित सर्वप्रिय होना चाहिए दूसरों की सहायता से हमारा किसी भी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए वहां तक सहायता अच्छी है खुद का अहित करके दूसरों की सहायता किसी भी तरह से अच्छी नहीं है।
दोस्तों यदि हम दूसरों की सहायता के कारण अपने लक्ष्य अपने उद्देश्यों अपनी इच्छाओं को पूर्ण नहीं कर पा रहें हैं तो ऐसी सहायता से हमें हमेशा के लिए तौबा कर लेना चाहिए वरना हमेशा बड़ा नासमझ कोई नहीं है।

दोस्तों जब भी हम बड़े लक्ष्यों की चाहत रखते हैं तो हमें हमेशा बड़े कदम उठाने से भयभीत नहीं होना चाहिए पूर्ण आत्मविश्वास से बड़े कदम उठना चाहिए तभी हम सफलता के शिखर पर पहुंच सकते हैं।
दोस्तों हमारे अंदर इतना साहस होना चाहिए हमारा पथ पर आने वाली हर बाधा को हम बिना भय के पार कर सफलता अर्जित कर सकें।
दोस्तों हमें इसे व व्यक्तियों का साथ छोड़ देना चाहिए जो हमेशा नकारात्मक प्रवृति के शिकार हो जो हमेशा असफलता की बातचीत के चक्रव्युव में फसे रहते हैं।
दोस्तों हमें अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए स्वयं शांत रहना है साथ ही हमारे संपर्क में जो व्यक्ति है उन्हें भी शांत रखना है तभी हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
दोस्तों हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए आने वाले कल की राह नहीं देखना चाहिए हमें अभी उस कार्य पर ध्यान केंद्रित करके जुट जाना चाहिए तभी हम अपने लक्ष्य पर पहुंच सकते हैं।
दोस्तों हमें सफलता के शिखर पर पहुंचने के लिए बड़े से बड़ा सपना देखना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से परिश्रम करना चाहिए तभी हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

दोस्तों सफलता प्राप्त करने वाले और असफल व्यक्तियों में सबसे बड़ा अंतर दृढ़ता आत्मविश्वास धैर्य का होता है जिसके पास यह दिव्य गुण है वह कभी भी किसी भी कार्य में असफल नहीं हो सकता है सफलता हमेशा उसकी दहलीज पर होती है।
दोस्तों हमेशा प्रसन्नचित्त व ऊंचाई पर रहने का आनंद तभी प्राप्त हो सकता है जब हम वित्तीय रुप से हमेशा आजाद रहें।

दोस्तों हमारें प्रेरणा का स्तर इतना ऊंचा होना चाहिए हम हमेशा एक लक्ष्य से दूसरे लक्ष्य के लिए प्रेरित रहें।

बेशकीमती समय बरबाद नहीं करना चाहिए
देखने में अपना बेशकीमती समय बरबाद नहीं करना चाहिए तभी हम अपने परमात्मा के मार्ग पर परिचलन कर सकते हैं।
दोस्तों यह हमारी प्रवृत्ति है जब हम दूसरों के दोषों को देखना चाहते हैं तो हमारे नैत्र बहुत बड़े हो जाते हैं जब स्वयं का नंबर आता है तो हमें कोई दोष ही नहीं दिखाई देता है।
दोस्तों जिस गति से मानव विकास कर रहा है उसी गति से उसकी सुविधाएं बढ़ रही है पर न जाने क्यों सुविधाओं के साथ दुविधाओं में भी भारी वृद्धि हो रही है।
दोस्तों हमने सब कुछ प्राप्त कर लिया फिर भी न जाने क्यों हमारे पास न सुख है न ही शांति है हम सब कुछ पाकर भी हमेशा चिंतित रहते हैं क्यों शायद हमें वह नहीं मिला जिसकी हमें तलाश है जिस से हमारे जीवन में सुख शांति का आभाव समाप्त हो जाये।


दोस्तों हम अपने जीवन में शांति आनंद प्राप्त कर सकते हैं यदि हम अपने दुख दर्द चिंता का निवारण करने का प्रयास करें उन्हें कुछ समय बाद भूल कर आगे बढ़ने का प्रयास करें बिना कारण चिंतित होकर अपना समय बरबाद न करें चिंता से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है।
दोस्तों हर व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई परेशानी जरूर होती है उनके होने का कुछ कारण जरुर होता है हमें उसे जानकर उसका समाधान करना चाहिए तभी हम अपने जीवन को आनंदमय सुखमय बना सकते हैं।
दोस्तों हमें अपने जीवन में आनंद लाने के लिए आरोप प्रत्यारोपों  से दूर निकलना चाहिए हमें दूसरे व्यक्ति में सद्बुद्धि आने का इंतजार और प्रयास करना चाहिए तभी हम अपने जीवन में खुशहाली ला सकते हैं।
दोस्तों यह हमारी प्रवृत्ति है जब हमसे कोई गलती होती है तो हम दूसरों पर दोषारोपण करने का प्रयास करते हैं हम अपनी गलती देखने का प्रयास नहीं करते हैं इसलिए हमें सफलता प्राप्त नहीं होती है न ही हमारे रिश्ते किसी के साथ मधुर रहते हैं।
दोस्तों जब हम स्वयं गलती करते हैं और दूसरों को दोषी ठहराने का प्रयास करते हैं उसके लिए बुरा होने की कामना करते हैं यह हमारी कुंठित सोच हमें ही अपनी सफलता से बहुत दूर ले जाती है हम चाहकर भी कामयाबी से बहुत दूर रहते हैं।
दोस्तों हमें इस सत्य को हमेशा याद रखना चाहिए अच्छे व्यक्ति भी बुरा काम करते हैं और बुरे व्यक्ति भी अच्छा काम करते हैं हमें किसी के लिए पूर्वग्रह से ग्रसित होकर कोई सोच नहीं बनाना चाहिए वरना हम सत्य से हमेशा दूर रहेंगे।

दोस्तों यदि कोई हमारे साथ कुछ गलत करता है हम भी उसके साथ गलत करते हैं तो इस से हमारा ही नुकसान होता है हमें गलती को सुधारना चाहिए तभी हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
दोस्तों यदि हम किसी के बारे में कोई राय बनाते हैं तो उस से हमारे बारें में भी राय बनती है इसलिए हमें सोच समझकर किसी के लिए कोई राय बनाना चाहिए जल्द बाजी में हमारी राय गलत होती है।
दोस्तों यदि कोई व्यक्ति परपंरागत सोच से ग्रसित से तो उसमें परिवर्तन करना बहुत मुश्किल कार्य है इसके लिए हम धैर्य के साथ समझाने का प्रयास करें तो हम अपना नजरिया समझा सकते हैं।
दोस्तों हम सब हमेशा किसी अनचाहे भय से ग्रसित होकर सतर्क रहने का प्रयास करते हैं यह भय हमारी सोच के कारण होता है इस भय के कारण हम अपने जीवन में आनंद खुशी का मजा नहीं ले पाते हैं।
दोस्तों बिना मेहनत के मिली सफलता का कोई महत्व नहीं है दोस्तों ऐसी सफलता कभी भी स्थाई नहीं होती है।
दोस्तों साहसी व्यक्ति इस बात को महत्व नहीं देते उनके शत्रु कितने हैं वह इस बात को महत्व देते हैं वह कहां पर है।
दोस्तों हमें बिना किसी अफसोस के साथ अपने गुजरे वक्त का सामना करना चाहिए हमें अपने वर्तमान को आत्मविश्वास के साथ संवारना चाहिए बिना किसी भय के हमें आने वाले वक्त की तैयारी करना चाहिए।
दोस्तों हमें सच्चा आनंद प्यार तभी मिल सकता है जब हम अपने स्वार्थ को त्याग कर सत्य की राह पर चलते हैं।
दोस्तों हमारे जीवन में सुख प्राप्ति के लिए जितनी जरूरत हो उतनी मात्रा में चीज़ों का भंडारण होना चाहिए हर चीज़ की अधिकता हमारे लिए हानिकारक होती है।


हमें बेफ्रिक रहना चाहिए
दोस्तों यदि हमारे सामने कोई संकट या परेशानी सामने आती है तो हमें बेफ्रिक रहना चाहिए यह समय भी बीत जाएगा हमें बिना कारण चिंतित नहीं होना चाहिए उस से कोई समाधान नहीं होता है।
दोस्तों शिखर पर रहने का सबसे आसान तरीका यह है हमें आने वाले कल की उन घटनाओं की चिंता नहीं करना चाहिए जो हमारे भविष्य में घटित ही न हो।
दोस्तों हमें ऐसे व्यक्तियों की संगत नहीं रखना चाहिए जो हमेशा हमारी असफलताओं का बखान करते हैं जो हमें हमेशा नकारात्मक सोचने को मजबूर करते हैं जो केवल हमारी असफलताओं की बातों के मजे लेते हैं। यदि हमारे मध्य विचारों का तालमेल हो तो हम समाज में तालमेल सामंजस्य स्नेह बना सकते हैं।



दोस्तों हर व्यक्ति सम्मान व यश की कामना करता है पर वैसे कर्म नहीं करता जिसके द्वारा स्वतः ही यश व सम्मान की प्राप्ति हो सकें। कहीं पर भी कोई आग लगे हमारा चर्चा हमेशा आग बुझाने के प्रयास करने वाले व्यक्तियों में होना चाहिए हमारी चर्चा तमाशबीन में नहीं होना चाहिए हो सकता हो हमारे प्रयास कम हो पर हमें कोशिश जरुर करना चाहिए।
दोस्तों हमें शिक्षा उन व्यक्तियों से धारण करना चाहिए जो ज्ञानी हो जो अच्छे कर्म करते हो हमें उन व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए जो अज्ञानी व स्वार्थीपन से ग्रसित हो।
दोस्तों जो व्यक्ति समस्याओं से ग्रसित होते हैं वह यह नहीं जान पाते वह किस राह में जा रहे हैं उनके लिए कौनसी राह सही है।
दोस्तों यदि हम एक समय पर एक से अधिक कार्य करने का प्रयास करते हैं तो हमें किसी भी कार्य में सफलता अर्जित नहीं होती है हमें एक समय पर एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए तभी हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

दोस्तों मोहब्बत अपनेपन के सिवाय कुछ नहीं देती है न ही वह किसी को अपने आपके सिवाय कुछ देता है।
दोस्तों हमारी उम्र हर दिन के साथ बढ़ती जाती है पर हम बढ़ना कई रोक जाता है हम न तो कोई नई चीज़ सीख पाते हैं न ही हम खुशी के साथ जिंदगी जी पाते हैं।
दोस्तों जब हम बच्चे होते हैं तो हम में कुछ बहुत अच्छी आदतें होती है हम बिना कारण मुस्कराते रहते हैं हम कुछ न कुछ करते रहते हैं साथ ही हम उस चीज़ की जिद करते हैं जो हमें चाहिए अगर हम जिंदगी भर इन आदतों का सही रुप में अनुसरण करें तो हम कभी भी अपनी मंजिल से दूर नहीं रह सकते हैं।
दोस्तों यह सत्य है पहला प्रभाव बहुत महत्वपूर्ण होता है पर यह सत्य नहीं है एक दो बातों से हम किसी की पूरी शख्सियत को जान सकते हैं।
दोस्तों कई बार हमारी जिंदगी में ऐसा होता है हम पहली मुलाकात में किसी के लिए जो सोच बनाते हैं वह दूसरी मुलाकात में वैसा प्रतीत नहीं होता है इसलिए हमें किसी के लिए कोई भी सोच बनाने के लिए जल्दबाजी नहीं करना चाहिए वरना हमारे सोच गलत हो सकती है और हमें इसका नुकसान हो सकता है।
दोस्तों हर व्यक्ति पहली मुलाकात में प्रभावित करने का प्रयास करता है पर हकीकत धीरे धीरे उसके चेहरे पर समय ले आता है इसलिए हमें किसी के लिए कोई भी नजरिया बनाने के लिए जल्दबाजी में निर्णय नहीं करना चाहिए।

दोस्तों जब हम अकेले में रहते हैं तो हम अपने आप से बहुत बातें करते हैं कुछ अपने बारें में कुछ अन्य व्यक्तियों के बारें में धीरे धीरे जो बात हम ज्यादा सोचते है या करते हैं उसे हम सत्य मानने लग जाते हैं हम बस इसी सच के साथ जीते रहते हैं।
दोस्तों यह सत्य नहीं है हम जो राय अपने या अन्य व्यक्तियों के बारें में रखते हैं वहीं सत्य है वह हमारे मन का वहम भी हो सकता है इसलिए हमें हमेशा हर राय को कसौटी पर उतरना चाहिए फिर अपना नजरिया बनाना चाहिए।
दोस्तों हमारी जिंदगी में कुछ अच्छा होता है तो उसका कुछ मतलब होता है साथ ही कुछ बुरा होता है तो उसका भी कोई महत्व होता है इसलिए हमें हर परिस्थिति के कारण को जानकर उसे स्वीकार करना चाहिए तभी हम अपने जीवन को आनंदमय बना सकते हैं।
दोस्तों हम हमेशा अच्छे बुरे के भ्रमजाल में फसे रहते हैं जबकि सत्य यह है इसके पार भी बहुत कुछ है जिसे हम न जानने का प्रयास करते हैं न हो कभी समझ पाते हैं थोड़ा सोचिए बहुत कुछ है।
दोस्तों हमारा सबसे बड़ा अज्ञान यह हैं हम दूसरों की बुराइयों अगुणों व दोषों को देखते हैं पर स्वयं के अगुणों दोषों व बुराइयों से मुंह फेर लेते हैं इस से हम सत्य से बहुत दूर चले जाते हैं।

दोस्तों यदि हम सुख शांति पर आत्मविकास पर अग्रसर होना चाहते हैं तो हमें अपने परमात्मा के मार्ग पर चलना चाहिए हमें अपने दोष देखकर उन्हें समाप्त करना चाहिये दूसरों के दोषों को 

रिश्ते को निभाने के लिए खूबसूरत व्यक्तियों की जरूरत होती है

दोस्तों अच्छे शब्दों की शक्ति से हम किसी के जीवन में भी सही राह देखा सकते हैं इसलिए हमें सोच समझकर शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए हम शब्दों से किसी का जीवन संवार सकते हैं शब्दों से ही हम किसी को गलत राह पर चलने के लिए प्रेरित कर सकते हैं हमें शब्दों की शक्ति को समझकर इसका हमेशा सही इस्तेमाल करना चाहिए।

दोस्तों किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए कसमों व वायदों की जरूरत नहीं होती बस दो खूबसूरत व्यक्तियों की जरूरत होती है एक भरोसा कर सकें दूसरा उस भरोसे पर खरा उतर सकें।
दोस्तों यदि हम नकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्तियों व पराजित होने वाले व्यक्तियों का साथ छोड़ दें तो हम सदैव शिखर पर रह सकते हैं।
दोस्तों ऐसी चीजें संग्रहित करने का कोई महत्व नहीं है जिसे हम संभाल नहीं सकते हैं  जो हमारे लिए कोई उपयोग की नहीं है ऐसी चीजें संग्रहित कर हम अपना बेशकीमती समय बरबाद करते हैं।
दोस्तों यदि आप चाहते हैं आप हमेशा शिखर पर रहें साथ ही प्रसन्नचित्त रहें इसका सिर्फ एक तरीका है आप दूसरों को हमेशा प्रसन्न रखने का प्रयास करें।

दोस्तों दूसरों की सहायता करना बहुत अच्छा है पर सहायता करते समय अपना हित सर्वप्रिय होना चाहिए दूसरों की सहायता से हमारा किसी भी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए वहां तक सहायता अच्छी है खुद का अहित करके दूसरों की सहायता किसी भी तरह से अच्छी नहीं है।
दोस्तों यदि हम दूसरों की सहायता के कारण अपने लक्ष्य अपने उद्देश्यों अपनी इच्छाओं को पूर्ण नहीं कर पा रहें हैं तो ऐसी सहायता से हमें हमेशा के लिए तौबा कर लेना चाहिए वरना हमेशा बड़ा नासमझ कोई नहीं है।
दोस्तों जब भी हम बड़े लक्ष्यों की चाहत रखते हैं तो हमें हमेशा बड़े कदम उठाने से भयभीत नहीं होना चाहिए पूर्ण आत्मविश्वास से बड़े कदम उठना चाहिए तभी हम सफलता के शिखर पर पहुंच सकते हैं।
दोस्तों हमारे अंदर इतना साहस होना चाहिए हमारा पथ पर आने वाली हर बाधा को हम बिना भय के पार कर सफलता अर्जित कर सकें।
दोस्तों हमें इसे व व्यक्तियों का साथ छोड़ देना चाहिए जो हमेशा नकारात्मक प्रवृति के शिकार हो जो हमेशा असफलता की बातचीत के चक्रव्युव में फसे रहते हैं।
दोस्तों हमें अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए स्वयं शांत रहना है साथ ही हमारे संपर्क में जो व्यक्ति है उन्हें भी शांत रखना है तभी हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
दोस्तों हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए आने वाले कल की राह नहीं देखना चाहिए हमें अभी उस कार्य पर ध्यान केंद्रित करके जुट जाना चाहिए तभी हम अपने लक्ष्य पर पहुंच सकते हैं।
दोस्तों हमें सफलता के शिखर पर पहुंचने के लिए बड़े से बड़ा सपना देखना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से परिश्रम करना चाहिए तभी हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

दोस्तों सफलता प्राप्त करने वाले और असफल व्यक्तियों में सबसे बड़ा अंतर दृढ़ता आत्मविश्वास धैर्य का होता है जिसके पास यह दिव्य गुण है वह कभी भी किसी भी कार्य में असफल नहीं हो सकता है सफलता हमेशा उसकी दहलीज पर होती है।
दोस्तों हमेशा प्रसन्नचित्त व ऊंचाई पर रहने का आनंद तभी प्राप्त हो सकता है जब हम वित्तीय रुप से हमेशा आजाद रहें।
दोस्तों हमारें प्रेरणा का स्तर इतना ऊंचा होना चाहिए हम हमेशा एक लक्ष्य से दूसरे लक्ष्य के लिए प्रेरित रहें।
दोस्तों हमें हमेशा यह सत्य का आभास होना चाहिए सफलता की राह में कई बाधाएं होती है हम इन बाधाओं से भयभीत होकर अपनी सफलता की यात्रा को मध्य मार्ग में नहीं छोड़ना चाहिए तभी हम अपनी मंजिलों के आसमां को छु सकते हैं।

दोस्तों प्रसन्नचित्त रहने के लिए हमें अपने साथ अतीत के दर्द व असफलताओं को  साथ नहीं रखना चाहिए उन्हें भूल कर आगे बढ़ना चाहिए तभी हम अपने जीवन में सफलता के साथ आनंदमय जीवन का आनंद ले सकते हैं।
दोस्तों हमें आने वाले कल की चिंता में अपने आज को खराब नहीं करना चाहिए हम बिना कारण भविष्य में कुछ बूरा होगा उसकी परिकल्पना कर अपने आज को बरबाद कर देते हैं।


शिव ही सत्य है शिव ही सुन्दर है
शिव को हम सब कल्याणकारी मनाते हैं साथ ही शिव ही सत्य है शिव ही सुन्दर है इस सच को सब स्वीकार करते हैं हमें शिव का बोध हो जाये तो हमें अपने जीवन से मुक्ति प्राप्त हो सकती है।
धर्म अनेक है पर सभी की समान मान्यता है ईश्वर एक है। ईश्वर एक है जिनका हम स्मरण करते हैं जिनकी हम पूजा अर्चना करते हैं जो पूरे संसार का रचियता है। जो हमारे परमपिता परमात्मा शिव हैं। एक मात्र शिव हैं जो ब्रम्हा विष्णु शंकर के भी रचियता है। जीवन मरण से परे शिव है न जिनका जन्म होता है न कभी उनका मरण होता शिव अजर अमर है हम शिव को देवों के देव महादेव कहते है शिव परमशक्ति के मालिक है।
शिव ज्योति बिन्दू स्वरूप है वास्तव में शिव ऐसा शब्द है जिसके उच्चारण स्मरण मात्र से ईश्वर की अनुभूति होती है शिव नाम से हमें परमशांति प्राप्त होती है।



समस्त देवी देवताओं में शिव ही ऐसे देव हैं जिन्हें हम देवों के देव महादेव कहते हैं जिन्हें हम त्रिकालदर्शी कहते हैं। परमात्मा शिव ही निराकारी हैं जिनको हम ज्योति बिन्दु स्वरूप में पूजा अर्चना करते हैं। परमात्मा सब आत्मा से न्यारा और प्यारा है जो अजर अमर है। जो देह से परे हैं जिसका न जन्म होता न मरण होता है अर्थात जो अजर अमर है। जो परमधाम का वासी हैं जो वहां से सारे संसार का पोषक है उसके बिना एक पत्ता भी हिल नहीं सकता है। दुनियाभर में ज्योतिलिंग के रूप में शिव की पूजा अर्चना आराधना की जाती है। शिवलिंग को ही ज्योतिलिंग के रूप में परमात्मा का स्वरूप माना जाता है।

शिव परमात्मा ऐसी शक्ति है जिस से भगवान ने भी शक्ति प्राप्त की थी। चित्रों में सभी भगवान शिव से शक्ति प्राप्त करते प्रतीत होते हैं सभी देवताओं ने शिव से शक्ति प्राप्त की। शिव व शंकर दोनों अलग अलग हैं शिव परमपिता परमात्मा हैं। नाम अलग अलग है पर पूरी कायनात का एक मालिक शिव है।
सृष्टि की प्रक्रिया का अध्ययन करें तो सृष्टि के प्रारंभ में ईश्वर की आत्मा पानी पर डोलती थी आदिकाल में परमात्मा ने आदम व हव्वा को बनाया जिनके द्वारा स्वर्ग का निर्माण हुआ। एक सवाल हम सब जानना चाहते हैं परमात्मा है तो कहां है क्या उनका साक्षात्कार हो सकता है। यह भी सवाल उठता है आत्मायें शरीर में आने से पहले कहाँ रहती है फिर शरीर छोड़कर कहां चलीं जाती है। इन सवालों के जवाब सहज है सृष्टि के च्रक में तीन लोक होते हैं। पहला स्थूल वतन दूसरा सूक्ष्म वतन तीसरा मूल वतन जिसको हम परमधाम भी कहते हैं जहां महादेव शिव रहते हैं।
स्थूल वतन जिसमें हम निवास करते हैं  हमारा निर्माण पांच तत्वों से मिलकर बना है। स्थूल वतन को कर्म क्षेत्र भी कहां जाता है। जहां जन्म मरण होता है मनुष्य को कर्म के अनुसार फल मिलते हैं। इसके बाद सूक्ष्म वतन है जो सूर्य चांद तारों के पार है जिसे हम ब्रम्हा विष्णु महेश के निवास के रूप में जानते हैं। सूक्ष्म वतन के बाद मूल वतन है जिसे हम परमधाम भी कहते हैं। यह वह स्थान है जहां पर परमात्मा निवास करते हैं यह वहीं धाम है जहां सभी आत्माओं का परमधाम है। यहाँ से ही आत्माओं का आवागमन होता है यहां से आत्माएं अपने कर्मोंनुसार स्थूल धाम में आवागमन करती है।

आत्माओं का जन्म होता है परमात्मा का अवतरण होता है। यही आत्मा और परमात्मा में अंतर है। आत्मा देह धारण होती है जबकि परमात्मा देह से परे हैं। परमात्मा निराकार है ज्योति बिंदु स्वरूप है। जो सभी आत्माओं को प्रकाशमान करते हैं। वह हमें पतित से पावन बनाता है। परमात्मा तभी अवतरित होते हैं जब सब जगह अंधकार होता है।
विकारों की अंधकार रूपी रात्रि को दूर कर पवित्र पावन सत्य से प्रकाशमय करते हैं इसलिए शिव अवतरित होते हैं जिसे हम शिव रात्रि कहते हैं।


श्रद्धा विश्वास से सब कुछ संभव
दोस्तों कोटा के एक गाँव में एक वर्ष बरसात नहीं हुई ऐसा लगा वरुण देवता नाराज हो गये सब जगह बस परेशानी नजर आ रही थी हर किसान परेशान था उन सबको चिंता थी बिना बरसात के खेती कैसे करेंगे अकाल जैसी परिस्थिति पैदा हो गई सब चिंता से ग्रसित थे सब सोच नहीं पा रहे थे वह करें तो क्या करें।
दोस्तों गांव के बहार एक साधु महाराज रहते थे जिन पर सब विश्वास करते थे जब भी कोई विपत्ति आती सब वहां जाकर समाधान कर लेते थे सब ने सोचा अब तो साधु महाराज का सहारा है सब मिलकर साधु महाराज के पास पहुँच गये सबने अपनी परेशानी महाराज को बिताई महाराज ने शांति से उनकी बातचीत सुनी सब उन से उपाय बताने का अनुरोध करने लगे।



साधु महाराज तैयार हो गये उन्हें उपाय बताने के लिए उन्होंने उपाय बताने से पहले सब से सवाल किया क्या आप सब परमात्मा पर यकीन रखते हो सबने एक आवाज में कहां हां तो हम सब मिलकर कल भगवान से बरसात के लिए प्रार्थना करेंगे। आप सब के मन में इतनी श्रद्धा होना चाहिए परमात्मा हमारी बात सुन लेगें आप सब को परमात्मा पर विश्वास है ना सभी ने कहां हां महाराज तो कल सब को गांव के बड़े शिव मंदिर पर आना है हम सब मिलकर ईश्वर से प्रार्थना करेंगे।
सभी गांव वाले समय पर शिव मंदिर में उपस्थित हो गये महाराज के साथ सभी ने परमात्मा से बरसात के लिए प्रार्थना 🙏 की बहुत देर तक प्रार्थना 🙏 करने के बाद बरसात नहीं हुई तो सभी परेशान व अधीर हो गये। सब परेशान होकर महाराज के पास गये और कहने लगे आपके आदेश अनुसार हमने प्रार्थना की पर बरसात नहीं हुई सब परेशानी महाराज की जवाब का इतंजार करने लगे महाराज खामोशी से कुछ सोचने में व्यस्त थे।

साधु महाराज ने गंभीरता से सवाल किया आप सब जब मंदिर आ रहे थे कितने व्यक्ति छाता लेकर आये सब खामोश थे किसी के पास कोई जवाब नहीं था कोई भी छाता लेकर नहीं आया था महाराज बोले इससे पता चलता है तुम लोगो को ईश्वर पर श्रद्धा नहीं है तुम्हें विश्वास नहीं था बरसात होगी।

आपके मन में यहां आते समय अपने ईश्वर पर श्रद्धा अपनी प्रार्थना पर विश्वास होता तो बरसात जरूर होती आप सब को विश्वास होता तो आप छाता जरूर लेकर आते आप सबकी परमात्मा पर श्रद्धा थी ही नहीं होती तो छाता लेकर आते और बरसात भी होती। 

जब मन में श्रद्धा ही नहीं तो उसका फल कैसे मिलेगा साधु महाराज की बात सुनकर सबकी शर्म से गरदन झुक गए सब खामोशी के साथ निराश भाव से चले गयें उन सब को अपनी गलती का अहसास था दोस्तों हम अपने परमात्मा पर श्रद्धा विश्वास रखें तो सब कुछ संभव है भगवान पर विश्वास रखना परमावश्यक है तभी हम अपनी परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं।

हमारे पास न सुख है न ही शांति है
दोस्तों हमने सब कुछ प्राप्त कर लिया फिर भी न जाने क्यों हमारे पास न सुख है न ही शांति है हम सब कुछ पाकर भी हमेशा चिंतित रहते हैं क्यों शायद हमें वह नहीं मिला जिसकी हमें तलाश है जिस से हमारे जीवन में सुख शांति का आभाव समाप्त हो जाये।
दोस्तों हम अपने जीवन में शांति आनंद प्राप्त कर सकते हैं यदि हम अपने दुख दर्द चिंता का निवारण करने का प्रयास करें उन्हें कुछ समय बाद भूल कर आगे बढ़ने का प्रयास करें बिना कारण चिंतित होकर अपना समय बरबाद न करें चिंता से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है।



दोस्तों हर व्यक्ति के जीवन में कोई न कोई परेशानी जरूर होती है उनके होने का कुछ कारण जरुर होता है हमें उसे जानकर उसका समाधान करना चाहिए तभी हम अपने जीवन को आनंदमय सुखमय बना सकते हैं।
दोस्तों हमें अपने जीवन में आनंद लाने के लिए आरोप प्रत्यारोपों  से दूर निकलना चाहिए हमें दूसरे व्यक्ति में सद्बुद्धि आने का इंतजार और प्रयास करना चाहिए तभी हम अपने जीवन में खुशहाली ला सकते हैं।
दोस्तों यह हमारी प्रवृत्ति है जब हमसे कोई गलती होती है तो हम दूसरों पर दोषारोपण करने का प्रयास करते हैं हम अपनी गलती देखने का प्रयास नहीं करते हैं इसलिए हमें सफलता प्राप्त नहीं होती है न ही हमारे रिश्ते किसी के साथ मधुर रहते हैं।
दोस्तों जब हम स्वयं गलती करते हैं और दूसरों को दोषी ठहराने का प्रयास करते हैं उसके लिए बुरा होने की कामना करते हैं यह हमारी कुंठित सोच हमें ही अपनी सफलता से बहुत दूर ले जाती है हम चाहकर भी कामयाबी से बहुत दूर रहते हैं।
दोस्तों हमें इस सत्य को हमेशा याद रखना चाहिए अच्छे व्यक्ति भी बुरा काम करते हैं और बुरे व्यक्ति भी अच्छा काम करते हैं हमें किसी के लिए पूर्वग्रह से ग्रसित होकर कोई सोच नहीं बनाना चाहिए वरना हम सत्य से हमेशा दूर रहेंगे।
दोस्तों यदि कोई हमारे साथ कुछ गलत करता है हम भी उसके साथ गलत करते हैं तो इस से हमारा ही नुकसान होता है हमें गलती को सुधारना चाहिए तभी हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
दोस्तों यदि हम किसी के बारे में कोई राय बनाते हैं तो उस से हमारे बारें में भी राय बनती है इसलिए हमें सोच समझकर किसी के लिए कोई राय बनाना चाहिए जल्द बाजी में हमारी राय गलत होती है।

दोस्तों यदि कोई व्यक्ति परपंरागत सोच से ग्रसित से तो उसमें परिवर्तन करना बहुत मुश्किल कार्य है इसके लिए हम धैर्य के साथ समझाने का प्रयास करें तो हम अपना नजरिया समझा सकते हैं।
दोस्तों हम सब हमेशा किसी अनचाहे भय से ग्रसित होकर सतर्क रहने का प्रयास करते हैं यह भय हमारी सोच के कारण होता है इस भय के कारण हम अपने जीवन में आनंद खुशी का मजा नहीं ले पाते हैं।
दोस्तों बिना मेहनत के मिली सफलता का कोई महत्व नहीं है दोस्तों ऐसी सफलता कभी भी स्थाई नहीं होती है।
दोस्तों साहसी व्यक्ति इस बात को महत्व नहीं देते उनके शत्रु कितने हैं वह इस बात को महत्व देते हैं वह कहां पर है।
दोस्तों हमें बिना किसी अफसोस के साथ अपने गुजरे वक्त का सामना करना चाहिए हमें अपने वर्तमान को आत्मविश्वास के साथ संवारना चाहिए बिना किसी भय के हमें आने वाले वक्त की तैयारी करना चाहिए।
दोस्तों हमें सच्चा आनंद प्यार तभी मिल सकता है जब हम अपने स्वार्थ को त्याग कर सत्य की राह पर चलते हैं।
दोस्तों हमारे जीवन में सुख प्राप्ति के लिए जितनी जरूरत हो उतनी मात्रा में चीज़ों का भंडारण होना चाहिए हर चीज़ की अधिकता हमारे लिए हानिकारक होती है।
दोस्तों हम स्वयं जिम्मेदार होते हैं अअपने उत्थान व पतन के लिए इसके लिए अन्य व्यक्तियों पर आरोप लगाना हमारी मूर्खता का प्रदर्शन है।
दोस्तों हमें स्वयं को हीन कदापि नहीं समझना चाहिए हम दृढ़ इच्छाशक्ति से हर पथ पर कामयाबी प्राप्त कर सकते हैं।
दोस्तों यदि हम एक बार संकल्प के साथ कदम उठाते हैं तो आगे की राह अपने आप आसान हो जाती है।

मोहब्बत अपनेपन के सिवाय कुछ नहीं देती है

दोस्तों यदि हमारे मध्य विचारों का तालमेल हो तो हम समाज में तालमेल सामंजस्य स्नेह बना सकते हैं। हर व्यक्ति सम्मान व यश की कामना करता है पर वैसे कर्म नहीं करता जिसके द्वारा स्वतः ही यश व सम्मान की प्राप्ति हो सकें।
दोस्तों कहीं पर भी कोई आग लगे हमारा चर्चा हमेशा आग बुझाने के प्रयास करने वाले व्यक्तियों में होना चाहिए हमारी चर्चा तमाशबीन में नहीं होना चाहिए हो सकता हो हमारे प्रयास कम हो पर हमें कोशिश जरुर करना चाहिए। हमें शिक्षा उन व्यक्तियों से धारण करना चाहिए जो ज्ञानी हो जो अच्छे कर्म करते हो हमें उन व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए जो अज्ञानी व स्वार्थीपन से ग्रसित हो।
दोस्तों जो व्यक्ति समस्याओं से ग्रसित होते हैं वह यह नहीं जान पाते वह किस राह में जा रहे हैं उनके लिए कौनसी राह सही है। यदि हम एक समय पर एक से अधिक कार्य करने का प्रयास करते हैं तो हमें किसी भी कार्य में सफलता अर्जित नहीं होती है हमें एक समय पर एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए तभी हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं।


दोस्तों मोहब्बत अपनेपन के सिवाय कुछ नहीं देती है न ही वह किसी को अपने आपके सिवाय कुछ देता है। हमारी उम्र हर दिन के साथ बढ़ती जाती है पर हम बढ़ना कई रोक जाता है हम न तो कोई नई चीज़ सीख पाते हैं न ही हम खुशी के साथ जिंदगी जी पाते हैं।
दोस्तों जब हम बच्चे होते हैं तो हम में कुछ बहुत अच्छी आदतें होती है हम बिना कारण मुस्कराते रहते हैं हम कुछ न कुछ करते रहते हैं साथ ही हम उस चीज़ की जिद करते हैं जो हमें चाहिए अगर हम जिंदगी भर इन आदतों का सही रुप में अनुसरण करें तो हम कभी भी अपनी मंजिल से दूर नहीं रह सकते हैं।
यह सत्य है पहला प्रभाव बहुत महत्वपूर्ण होता है पर यह सत्य नहीं है एक दो बातों से हम किसी की पूरी शख्सियत को जान सकते हैं। कई बार हमारी जिंदगी में ऐसा होता है हम पहली मुलाकात में किसी के लिए जो सोच बनाते हैं वह दूसरी मुलाकात में वैसा प्रतीत नहीं होता है इसलिए हमें किसी के लिए कोई भी सोच बनाने के लिए जल्दबाजी नहीं करना चाहिए वरना हमारे सोच गलत हो सकती है और हमें इसका नुकसान हो सकता है।
दोस्तों हर व्यक्ति पहली मुलाकात में प्रभावित करने का प्रयास करता है पर हकीकत धीरे धीरे उसके चेहरे पर समय ले आता है इसलिए हमें किसी के लिए कोई भी नजरिया बनाने के लिए जल्दबाजी में निर्णय नहीं करना चाहिए।
दोस्तों जब हम अकेले में रहते हैं तो हम अपने आप से बहुत बातें करते हैं कुछ अपने बारें में कुछ अन्य व्यक्तियों के बारें में धीरे धीरे जो बात हम ज्यादा सोचते है या करते हैं उसे हम सत्य मानने लग जाते हैं हम बस इसी सच के साथ जीते रहते हैं।
दोस्तों यह सत्य नहीं है हम जो राय अपने या अन्य व्यक्तियों के बारें में रखते हैं वहीं सत्य है वह हमारे मन का वहम भी हो सकता है इसलिए हमें हमेशा हर राय को कसौटी पर उतरना चाहिए फिर अपना नजरिया बनाना चाहिए।
दोस्तों हमारी जिंदगी में कुछ अच्छा होता है तो उसका कुछ मतलब होता है साथ ही कुछ बुरा होता है तो उसका भी कोई महत्व होता है इसलिए हमें हर परिस्थिति के कारण को जानकर उसे स्वीकार करना चाहिए तभी हम अपने जीवन को आनंदमय बना सकते हैं।
दोस्तों हम हमेशा अच्छे बुरे के भ्रमजाल में फसे रहते हैं जबकि सत्य यह है इसके पार भी बहुत कुछ है जिसे हम न जानने का प्रयास करते हैं न हो कभी समझ पाते हैं थोड़ा सोचिए बहुत कुछ है।
दोस्तों हमारा सबसे बड़ा अज्ञान यह हैं हम दूसरों की बुराइयों अगुणों व दोषों को देखते हैं पर स्वयं के अगुणों दोषों व बुराइयों से मुंह फेर लेते हैं इस से हम सत्य से बहुत दूर चले जाते हैं।
दोस्तों यदि हम सुख शांति पर आत्मविकास पर अग्रसर होना चाहते हैं तो हमें अपने परमात्मा के मार्ग पर चलना चाहिए हमें अपने दोष देखकर उन्हें समाप्त करना चाहिये दूसरों के दोषों को देखने में अपना बेशकीमती समय बरबाद नहीं करना चाहिए तभी हम अपने परमात्मा के मार्ग पर परिचलन कर सकते हैं।
दोस्तों यह हमारी प्रवृत्ति है जब हम दूसरों के दोषों को देखना चाहते हैं तो हमारे नैत्र बहुत बड़े हो जाते हैं जब स्वयं का नंबर आता है तो हमें कोई दोष ही नहीं दिखाई देता है।
दोस्तों जिस गति से मानव विकास कर रहा है उसी गति से उसकी सुविधाएं बढ़ रही है पर न जाने क्यों सुविधाओं के साथ दुविधाओं में भी भारी वृद्धि हो रही है।



"नेताओं को सैनिकों के परिवार के आंसुओं से कोई मतलब नहीं होता है"
कैप्टन अजय महीने भर से बहुत व्यस्त था। कई दिनों बाद उसे समय मिला उसने सोचा वह अपने मन कुछ करें। रोज आतंकवादी घटनाओं से उसका मन बहुत विचलित रहता था। इस महिने वह बहुत व्यस्त था इसलिए जागते समय तो नहीं लेकिन सोते समय वह मित्र बहुत याद आते थे जो अभी ही आतंकवादियों के हाथ शहीद हो गयें। सोते समय उन मित्रों के चेहरे नजरों के सामने नजर आने लग जाते थे।




जब सब छात्र मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का इंतजार कर रहें थे। उस वक्त अजय एनडीए परीक्षा परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। हालांकि मां की खुशी के लिए अन्य प्रवेश परीक्षा भी अजय ने दी थी मां नहीं चाहती थी मैं सेना में शामिल हों हर मां चाहती है उसका बेटा सुरक्षित उसके पास रहें। लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार के बाद भी एनडीए में प्रवेश होता था।
मां नहीं चाहती थी मैं सेना का हिस्सा बनों इसलिए उन्होंने शर्त रखी मुझे एक ही बार एनडीए परीक्षा देने का अवसर दिया जायेगा। कोई भी मां सहमत नहीं हो सकती वह अपने इकलौते बेटे को सेना में भेज दें। मां को सोचना था कई लाखों छात्रों में  मेरा चुनाव होना असंभव है इसलिए मुझे एक अवसर दिया गया।

यहां पर हर कैडेट की यही कहानी है किस की मां अपने कलेजे के टुकड़े को गोलियों के सामने छोड़ने के लिए तैयार होगी। जब अजय का एनडीए में चुनाव हों गया है तो उसकी माँ ने बहुत समझाया पर अजय पीछे हटने के लिए तैयार नहीं था। मां उसे रोते हुए घर के लिए रवाना हो गई।
प्रवेश के पहले तीन माह बहुत कठिन होते हैं उसके बाद आसानी से काम होते हैं। कैडिट तीन माह निकलने के बाद जिंदगी भर इसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं होता है। यहां के कठोर प्रशिक्षण के कारण मां मुझे यहां पर कभी भी भेजने के लिए सहमत नहीं थी। वहां से फोन पर बात करने का एक दिन मिलता था उसमें भी चार मिनट से अधिक बात नहीं करने देते थे। मुझे घर की बहुत याद आती है।

अचानक मुझे याद आया आज मेरी नाइट डुयुटी है इसलिए मैं यादों से आज में आकर अपनी डुयुटी पर जाने की तैयारी करने लग गया। मैं यादों से हकीकत में आ गया। मुझे आज रात के समय सभी चौकियों की जानकारी लेना था। अचानक बहुत तेज धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था मेरे टेबल के सारे सामान नीचे गिर चुके थे। मैने तेजी से बहार जाकर देखा, गाड़ी के परखचे उड़ गये थे। ड्राइवर व सहायक खाड़ी से नीचे जाकर गिरे हुए थे। चारों तरफ सैनिकों ने अपनी पोजिशन को संभाल रखी थी। कुछ सैनिक घायलों को लेकर स्वास्थ्य केन्द्र लें जा रहे थे। कुछ समय के बाद आंतकवादियों को पकड़ लिया वह पड़ोसी देश के थे।
"यारों हम कहां से कहाँ आ गये"

दोस्तों आज के वक्त की कड़वी सच्चाई है हमें नदी तालाब में नहाने में शर्म महसूस होती है पर स्विमिंग पुल में तैरने को हम आज की जरुरत कहते हैं।
हम गरीब को एक रुपया दान देने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं लेकिन होटल में वेटर को टिप्स देने पर गर्व की अनुभूति महसूस करते हैं।
हम अपने माता पिता को एक गिलास पानी पिलाने में ततकलीफ़ महसूस करते हैं लेकिन हम नेताओं को देखकर उनके आगे वेटर बनने पर गर्व महसूस करते हैं।
आज की महिलाओं को बड़ों के सामने सिर ढकने में शर्मिंदगी का एहसास होता है। लेकिन मिट्टी से बचने के लिए सब कुछ करने को तैयार हो जाती है, आज की लड़कियों को मुंह छिपाने में तकलीफ़ नहीं होती है।

आजकल पंगत में बैठकर खाना दकियानूसी लगता है। और पार्टियों में खाने के लिए लाइन में खड़ा होना अच्छा लगता है।
दोस्तों आज के वक्त में मां या बहन कोई मांग करें तो हमें फिजूलखर्ची लगता है लेकिन हमारी प्रेमिका मांग करें तो यह हमें अपना सौभाग्य लगता है।
आज के वक्त में हमें गरीब व्यक्तियों से सब्जियां खरीदना अपमानजनक महसूस होता है लेकिन शोपिग मॅाल में अअधिक पैसा खर्च करना गौरवान्वित करता है।
आज के वक्त में हम पिताजी के देहांत पर सिर मुंडवाने पर शर्मिंदगी महसूस करते हैं लेकिन जब फैशन के लिए गजनी लुक देना होता है तो हमें गर्व महसूस होता है।
अगर कोई पंडित चोटी रखता है तो हम उसकी मजाक बनाते हैं लेकिन फिल्म स्टार ऐसा करते हैं तो हम उनके दीवाने हो जाते हैं।
किसानों द्वारा दिया गया अनाज में अच्छा नहीं लगता है लेकिन विदेशी कंपनियां उसी अनाज को पोलिस करके अधिक मूल्य में देती है तो हमें अच्छा लगने लग जाता है। जब हम अपनी सोच बदलेंगे तभी देश बदल सकता है। मर्जी हमारी है हमें क्या करना है।











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